Ganesh Chaturthi 2024: 7 या 8 सितंबर को मनाएं गणपति उत्सव? जानें शुभ तिथि और मूर्ति स्थापना विधि

kab hai Ganesh Chaturthi 2024-भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ 06 सितंबर, 2024 को दोपहर 03 बजकर 01 मिनट पर होगा।

कृष्ण जन्माष्टमी 2024 की हिंदी में शुभकामनाएँ: प्रियजनों के साथ साझा करने के लिए व्हाट्सएप संदेश, शुभकामनाएँ

ये शुभकामनाएं और संदेश आपके प्रियजनों के दिलों में उत्साह भर देंगे और जन्माष्टमी के पावन पर्व को और भी खास बना देंगे।

जन्माष्टमी 2024: द्वापर युग जैसा अद्भुत “जयंती” योग, 26 अगस्त को की जाएगी भगवान श्रीकृष्ण की पूजा

इस जयंती योग के साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग और शश राजयोग भी बन रहा है, जो इस वर्ष के जन्माष्टमी पर्व को और भी महत्वपूर्ण बना देता है।

सांवरिया सेठ मंदिर: कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जाइये और धनवान बनकर लौटिए

यहाँ की मान्यता है कि यहाँ पर जितना दान करेंगे ,उसका कई गुना फलित होकर मिलता है। इसीलिए यहां देशभर से व्यापारी और श्रद्धालु आते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के समय मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है और यहां भव्य आयोजन होते हैं, जिनमें भाग लेकर भक्त धन्य महसूस करते हैं।

लड्डू गोपाल की मूर्ति किस दिशा में स्थापित करने से प्रसन्न होते हैं कान्हा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में किसी भी देवी-देवता की मूर्ति की स्थापना सही दिशा में होनी चाहिए ताकि उनकी कृपा सदैव बनी रहे।

18 सितंबर को 2024 का दूसरा चंद्र ग्रहण: जानें सूतक काल और राशियों पर प्रभाव

जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा पूरी तरह से एक सीध में नहीं होते हैं, तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा के एक हिस्से पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का केवल एक हिस्सा ढकता है।

कालसर्प दोष दूर करने के लिए नाग पंचमी को करें इस मंत्र का पूजन ,दूर होंगी जीवन की सारी बाधाएं

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सर्प धन, समृद्धि और स्वास्थ्य के प्रतीक माने जाते हैं। नाग पंचमी के दिन सर्पों की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके अलावा, यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है, क्योंकि सर्पों का संरक्षण महत्वपूर्ण है।

हरियाली तीज: शंकर और पार्वती की पूजा करके प्राप्त करें अपने वैवाहिक जीवन में खुशहाली का आशीर्वाद

हरियाली तीज, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष 2024 में हरियाली तीज, बुधवार 07 अगस्त को मनाई जाएगी।

कृष्ण जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का महापर्व

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में मथुरा के कारागार में हुआ था। उनके माता-पिता वासुदेव और देवकी थे, जिन्हें कृष्ण के मामा कंस ने कारागार में बंदी बना रखा था। कंस को देवकी के आठवें पुत्र से अपनी मृत्यु का भय था, इसलिए उसने देवकी की सभी संतानों को मार डाला। लेकिन जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब उनके पिता वासुदेव ने उन्हें यमुना नदी पार कर गोकुल में नंद बाबा और यशोदा माता के पास सुरक्षित पहुंचा दिया।

भगवान शंकर का सही विधि से करें अभिषेक और प्राप्त करें भोलेनाथ की कृपा ,शिवलिंग पूजा विधि: एक विस्तृत मार्गदर्शिका

शिवलिंग की पूजा हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र मानी जाती है। यह पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का एक प्रमुख माध्यम है। इस लेख में हम शिवलिंग की पूजा विधि को विस्तार से समझेंगे और जानेंगे कि कैसे सही तरीके से पूजा करें ताकि भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सके।